चौरीचौरा पुलिस की सराहनीय पहल सूचना पर पहुच जहां जहर खाने वाले ब्यक्ति को इलाज के लिए भेजा वहीं उसके पांच वर्षीय पुत्र को उसके मां को किया सुपर्द।
कुछ खास ऐसा चर्चा में है मामला जहां समय रहते पुलिस ने किया यह पहल
मामला गोरखपुर जनपद के थाना चौरीचौरा क्षेत्र के मोतीपाकड़ का है जहां पर सूचना पर पहुंची पी आर बी 0332 की टीम ने जहर खानेवाले एक युवक को 108 एम्बुलैंस के सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा चौरा भेजा जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थिति नाजुक देख गोरखपुर इलाज के लिए भेज दिया उधर रोते बिलखते पांच वर्षीय बच्चा आयुष्मान को पी आर बी 0332की टीम ने उसके मां के पास सौंप दिया।
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चर्चा है कि जहर खाने वाला युवक धुन्नी सिंह, पुत्र बृजमोहन लखनऊ मोहनलाल गंज के बंसीखेरड़ा का रहने वाला है जो अपने बच्चे को लेकर मोतीपाकड़ अपने ससुराल में ओमप्रकाश विश्वकर्मा के घर आया था कुछ सुत्रो की मानें तो जहर खानेवाले युवक की उसके पत्नी अनुराधा से बतौर 2015 के लगभग मोबाइल के जरिए संपर्क हुआ और दोनों एक दुसरे के करीब हों गये आज दोनों के बीच दुरियां इतनी कि अनुराधा तीन माह से मायके में रह कर अपना समय काट रही है उधर खार खाया धुन्नी अपने पत्नी और उसके परिवार वालों को सबक सिखाने की बात कह रहा था और बार बार अनुराधा को मानसिक तथा शारीरिक प्रताड़ना और धमकियां भी देता रहता था जिसकी शिकायत अनुराधा के घर वाले स्थानीय पुलिस को दिए थे जहां थाने में ही चर्चा है कि समझौता भी हुआ था
चौरीचौरा पुलिस की सराहनीय पहल सूचना पर पहुच जहां जहर खाने वाले ब्यक्ति को इलाज के लिए भेजा
वहीं उसके पांच वर्षीय पुत्र को उसके मां को किया सुपर्द ।मामला गोरखपुर जनपद के थाना चौरीचौरा क्षेत्र के मोतीपाकड़ का है जहां पर सूचना पर पहुंची पी आर बी 0332 की टीम ने जहर खानेवाले एक युवक को 108 एम्बुलैंस के सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा चौरा भेजा जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थिति नाजुक देख गोरखपुर इलाज के लिए भेज दिया उधर रोते बिलखते पांच वर्षीय बच्चा आयुष्मान को पी आर बी 0332की टीम ने उसके मां के पास सौंप दिया।
चर्चा है कि जहर खाने वाला युवक धुन्नी सिंह, पुत्र बृजमोहन लखनऊ मोहनलाल गंज के बंसीखेरड़ा का रहने वाला है जो अपने बच्चे को लेकर मोतीपाकड़ अपने ससुराल में ओमप्रकाश विश्वकर्मा के घर आया था।
मोबाइल का ही प्यार बना आज समस्या का कारण
जी हां मामला ही कुछ अजीबो-गरीब है कुछ सुत्रो की मानें तो जहर खानेवाले युवक की उसके पत्नी अनुराधा से बतौर 2015के लगभग मोबाइल के जरिए संपर्क हुआ और दोनों एक दुसरे के करीब हों गये आज दोनों के बीच दुरियां इतनी कि अनुराधा तीन माह से मायके में रह कर अपना समय काट रही है
कुछ ऐसे अपनी भव्यता बताती स्थित अनुराधा
उधर खार खाया धुन्नी अपने पत्नी और उसके परिवार वालों को सबक सिखाने की बात कह रहा विवाद भी कर दिया था जिसकी शिकायत अनुराधा के घर वाले स्थानीय पुलिस को दिए थे जहां थाने में ही चर्चा है कि समझौता भी हुआ था
उसके बाद धुन्नी की पत्नी अनुराधा अपने मायके मोतीपाकड़ चली आई उधर धुन्नी ने बच्चे को लेकर बाजार में गया और जहर का सेवन करने के बाद अपने ससुराल के सीवान पर पहुंचा था कि सड़क के किनारे चक्कर खाकर गिर गया जिसे देखकर आसपास के लोग एम्बुलैंस तथा 112पर भी सूचना दिए
उधर जब यह बात गांव में चर्चा के तौर पर पहुंची तो अनुराधा का भाई भी वहां पहुंचा जिसको आसपास के लोगो के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा
लोगो के कहने पर वह धुन्नी कै इलाज कराने के लिए अपनी बाइक से लेकर जाया जा कि जबतक एम्बुलैंस और पुलिस पहुंच गई जो जहर खानेवाले युवक को इलाज के लिए भेज अपनी कार्यवाही कर रही है आप देख सकते हैं कि पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर जहां जहर खाने वाले की जान बचाने की ब्यवस्था कर रही हे वहीं इस संबंध में इंस्पेक्टर चौरीचौरा से जानकारी लिया गया तो पता चला कि इन दोनों के बीच बीते पांच वर्षों से प्रेम संबंध था एक पांच वर्ष का बच्चा भी है जो रोता बिलखता था उसे उसके मां को सुपुर्द कर दिया गया है
क्या कहता है पुलिस के मौजूदगी में रोता बिलखता यह बच्चा
।मामले की जांच किया जा रहा है जांच के बाद समुचित कार्रवाई होगी।