*महिलाओ के बिना विकसित भारत की सोच दिवास्वप्न जैसी: प्रो. विनय कुमार सिंह*
*शहीद बंधू सिंह डिग्री कॉलेज में मिशन शक्ति के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित* आशुतोष कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
बच्चों के जन्म देने के साथ ही स्त्री एक संसार का निर्माण आरम्भ कर देती है।व्यक्तित्व के निर्माण में महिलाओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
उक्त बाते दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की आचार्य प्रो.विनीता पाठक ने व्यक्त किया।वो स्थानीय शहीद बंधू सिंह डिग्री कालेज में मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला नेतृत्व एवं विकसित भारत विषय पर अपनी बात रख रही थी।
उन्होंने आगे कहा कि नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका ज्यादा होनी चाहिए।जो परिवार चला सकती है,वो देश क्यों नही।महिलाओं की सफलता के साथ ही वैवाहिक संस्था प्रभावित हो रही है।स्त्रीयोचित गुणों के साथ ही आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ना स्त्री सशक्तिकरण की भावना द्विगुणित कर सकती।स्त्री जागरूकता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में हम सशक्त हो रहे हैं।महिलाओं को अपने विवेक और शारीरिक शक्ति पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।व्यक्तित्व विकास आप के अंदर आत्मशक्ति और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग के आचार्य प्रो.विनय कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओ को उद्यमिता के क्षेत्र में अपना योगदान बढ़ाने के साथ ही निर्णय लेने कि क्षमता तथा जोखिम उठाने कि कला का विकास करना होगा।उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ के बिना विकसित भारत कि बात करना बेमानी है।
इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर .यू.पी.सिंह ने अतिथियों का स्वागत उत्तरीय,स्मृतिचिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंटकर किया।माता सरस्वती कि प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि तथा छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना तथा स्वागत गीत के पश्चात कार्यक्रम कि शुरुआत की गई।
अंत में अतिथियों का आभार ज्ञापन प्राचार्य डॉक्टर .यू.पी.सिंह के द्वारा किया गया वही कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने किया।इस अवसर पर सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ,विद्यार्थियों व कर्मचारियों कि उपस्थिति रही।