
विनय कुमार सिंह /श्रीनिवास तिवारी की रिपोर्ट
हाटा कुशीनगर,स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव केन्द्र पर तैनात स्टाफ नर्स द्वारा प्रसव के लिए रुपये लेने की शिकायत पर आज मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर सुरेश पटारिया ने सीएचसी हाटा पहुंच कर जांच किया तथा शिकायत करने वाले व स्टाफ नर्स से लिखित बयान लिया और डियूटी रजिस्टर सहित अभिलेखों की जांच किया।
मिली जानकारी के अनुसार नगर के वार्ड नम्बर 12 शारदा नगर ढाढा बुजुर्ग के रहने वाले बृजेश यादव ने सीएमओ से लिखित शिकायत किया था कि उनकी पत्नी ममता देवी का प्रसव सीएचसी हाटा पर 13 जनवरी 2025 को हुआ था जिसमें उन्हें बेटा पैदा हुआ। बृजेश यादव ने अपने लिखित शिकायत पत्र में यह भी लिखा है कि उक्त नर्स संध्या सिंह ने प्रसव कराने के बदले दस हजार रुपये की मांग की थी जिसमें उनके द्वारा 2500 रुपये नकद व एक हजार रुपये उनके बैंक खाते में यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया यह भी आरोप लगाया गया है कि सकुशल प्रसव कराने के उपरांत नर्स ने सुबह 6500 रुपये मांग की इसकी शिकायत बृजेश ने अपने वार्ड सभासद मनीष चौरसिया से किया। जिसमें आज सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डाक्टर अमित कुमार के साथ शिकायतकर्ता बृजेश यादव व सभासद का भी लिखित बयान दर्ज किया। दुसरी ओर स्टाफ नर्स संध्या सिंह ने आरोप लगाया कि प्रसव कक्ष में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है लेकिन सभासद मनीष चौरसिया द्वारा जबरन प्रसव कक्ष के दरवाजे पर पहुंच कर धौंस जमाया जाने लगा। स्टाफ नर्स के द्वारा बार-बार अनुरोध के बाद भी उक्त अपने रसकू खोरी के बल पर नर्स के साथ कहा सुनी करते रहे तथा यह भी कहे कि तुम मेरे प्रभाव को नहीं जानती हो। इसके बाद मुझे फंसाने के लिए दिवार पर लिखे मेरे मोबाइल नम्बर पर एक हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से भेज दिया गया। चर्चा है कि इस मामले में एक पूर्व सभासद का भी हाथ है जो प्रायः सीएचसी पर अपने चहेते डाक्टरों से मरीजों को पहुंचाने व कमिशन खोरी के लिए काम करता है जो आये दिन मरीज उसके झांसे का शिकार बनते रहते हैं। अगर पूरी घटना पर विचार किया जाय तो यह बात स्पष्ट होता है कि अगर नर्स ने प्रसव के लिए दस हजार रुपया मांगा तो उसे दस हजार रुपया प्रसव कराने गये लोगों को दे देना चाहिए। उसके बैंक खाते में यूपीआई के माध्यम से एक हजार रुपया भेजना प्रसव कराने गये लोगों की मंसा उस नर्स को पहले से ही फंसाने की रही है खैर मामला जो भी हो अब जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा उधर जब सीएमओ से बावत जानकारी का प्रयास किया गया पर सर्वर सही ना होनें से बात नही हो सकी जबकी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शिकायत कर्ता के शिकायत पर हमारे जिम्मेदार अधिकारी मामले को संज्ञान मे लेकर जांच कर रहे है उधर जिसपर आरोप लगा है वह भी अपना पक्ष जांच अधिकारी के पास रखते हुए न्याय की गुहार लगाई है अब मामले में जांच पूरी होनें के बाद ही कुछ कहा जासकता है!