
आशुतोष कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए DDURN नंबर अनिवार्य कर दिया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए DDURN पंजीकरण की अंतिम तिथि 18 मई से बढ़ाकर 30 मई कर दी है। यह जानकारी अभी भी बड़ी संख्या में ग्रामीण छात्रों तक नहीं पहुंच पाई है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में या विश्विद्यालय से संबद्ध किसी भी डिग्री कॉलेज में प्रवेश लिए के लिए यह नंबर लेना बहुत ही आवश्यक है। इस कारण पंडित महामना फाउंडेशन के संस्थापक सचिन गौरी वर्मा ने अपनी 50 वॉलंटियरों की टीम के साथ मिलकर एक ऑनलाइन जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके माध्यम से छात्रों को DDURN नंबर की अनिवार्यता व प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
इस सराहनीय प्रयास में मदर्स एकेडमी के डायरेक्टर राजेश मद्धेशिया भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण छात्रों को समय पर सही जानकारी देना जरूरी है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। सचिन वर्मा ने बताया कि चौरी चौरा क्षेत्र के लगभग सभी इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को यह सूचना पोस्टर व ग्रुप संदेशों के माध्यम से भेजी गई है, ताकि कोई भी छात्र जानकारी के अभाव में प्रवेश से वंचित न रह जाए। यह अभियान छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आया है।