प्राइमरी स्कूलों के मर्जर और मदरसों पर कार्रवाई के खिलाफ भाकपा माले का विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
(बांसगांव गोरखपुर से सुबास चंद की रिपोर्ट)
प्रदेशव्यापी अभियान के तहत भाकपा माले से संबद्ध ऐक्टू (AICCTU) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बांसगांव उपजिलाधिकारी प्रदीप सिंह से मुलाकात कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि राज्य सरकार द्वारा 27,000 प्राइमरी स्कूलों के मर्जर के नाम पर स्कूल बंद करने की योजना चल रही है, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के लाखों बच्चों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा। भाकपा माले ने इस निर्णय पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
साथ ही मांग की गई कि शिक्षा के अधिकार कानून (RTE एक्ट 2009) को पूरी तरह लागू किया जाए, स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, कुर्सी-मेज, आधुनिक शैक्षणिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा रसोइया कर्मियों की सेवाओं को निरंतर बनाए रखने की गारंटी दी जाए।
मदरसों पर बुलडोजर चलाने की सरकारी कार्रवाई को भी अमानवीय बताते हुए पार्टी ने कहा कि इससे अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा छिन रही है। प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्रवाई पर भी अविलंब रोक लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में भाकपा माले राज्य स्थायी समिति सदस्य राजेश साहनी, जिला सचिव राकेश सिंह, जिला कमेटी सदस्य डॉ. प्रभुनाथ सिंह, लोकल कमेटी सचिव ऐहतसामूल, डॉ. अमित सिंह, ब्रांच सचिव चंद्रिका प्रसाद समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।