स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी प्रदीप सिंह को महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि काशी न केवल सनातन धर्म का केंद्र है, बल्कि यह पूरे देशवासियों की आस्था और विश्वास का प्रतीक भी है। बावजूद इसके, वहां की आम जनता बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सिर्फ प्रचार और लुभावने नारों तक सीमित है। जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता की समस्याओं को उठाने पर उनके खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि 10 जुलाई को वाराणसी के सिगरा थाने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, पूर्व मंत्री सहित जिले व शहर अध्यक्ष समेत 10 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और राज्यपाल से मांग की कि वे प्रदेश सरकार को हस्तक्षेप कर फर्जी मुकदमों को रद्द कराने का निर्देश दें।इस अवसर पर कांग्रेस के जिला सचिव धनंजय सिंह, सुनील सिंह, आचार्य शंकर प्रसाद, गया प्रसाद, देवेंद्र राय, योगेंद्र नायक, जीपी भारती, सुबास चंद्र राय, हरिशेवक त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।