
चौरी चौरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी (GST) में अगले चरण के सुधारों की घोषणा की, जिन्हें उन्होंने करदाताओं और कारोबारियों के लिए “दिवाली गिफ्ट” बताया। सरकार ने तीन प्रमुख स्तंभ तय किए हैं – “संरचनात्मक सुधार”, “दर युक्तिकरण” और “ईज़ ऑफ़ लिविंग”।
संरचनात्मक सुधारों के अंतर्गत “उल्टे कर ढाँचे” को ठीक करने और “वर्गीकरण विवाद” को समाप्त करने पर जोर है। दर युक्तिकरण में ज़रूरी वस्तुओं पर कर दर घटाने और टैक्स स्लैब्स को सरल बनाने का प्रस्ताव है। वहीं “ईज़ ऑफ़ लिविंग” के तहत छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स को “प्री-फिल्ड रिटर्न” और “तेज़ रिफंड” जैसी सुविधाएँ मिलेंगी।
टैक्स एडवोकेट कृष्णा निगम के अनुसार, इन सुधारों से करदाताओं का “अनुपालन बोझ” घटेगा, नकदी प्रवाह सुधरेगा और मुक़दमेबाज़ी कम होगी। यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को भी मज़बूती प्रदान करेगा।