तीन दिवसीय ‘प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम’ संपन्न

कार्यक्रम के प्रतिभागियों के साथ शिक्षा अधिकारी एस एफ हसन एवं अन्य।

गोरखपुर। दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, क्षेत्रीय निदेशालय गोरखपुर द्वारा माय भारत, जनपद गोरखपुर के सहयोग से तीन दिवसीय प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माय भारत जनपद गोरखपुर के 25 से 30 सक्रिय कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया, जिन्होंने विविध विषयों पर अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम का संचालन एस एफ हसन, शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया। अपने स्वागत वक्तव्य में उन्होंने उल्लेख किया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशिक्षकों के नेतृत्व कौशल, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी को बढ़ाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रशिक्षक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों को जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे उनके अधिकारों, कल्याण और सशक्तीकरण को नई दिशा मिलती है।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में पंडित महामना फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक सचिन गौरी वर्मा ने श्रमिक शिक्षा की महत्ता, श्रमिक-प्रबंधन संबंधों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए। अंजनी राय (प्रबंधक, महंत रामाश्रय दास पब्लिक स्कूल, बांसगांव, गोरखपुर) ने नेतृत्व विकास और प्रशिक्षण के गुणात्मक पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम में माय भारत जनपद गोरखपुर के 25-30 कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए श्रमिकों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व कौशल, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे मुख्य विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट भी प्रदान की गई, जिससे वे आगे जाकर कार्यकर्ता के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

समापन सत्र का संचालन सीमा पांडे, जिला युवा समन्वयक, माय भारत, जनपद गोरखपुर द्वारा किया गया। उन्होंने राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण के लिए श्रमिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में श्री एस एफ हसन, शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण किया गया, जो उनके प्रशिक्षण में सफल पूर्णता का प्रमाण है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. जिसके बाद श्री एस हसन, शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

पत्रकार आशुतोष कुमार पांडे की रिपोर्ट।

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