लोकतंत्र रक्षक सेनानी राम जी वर्मा का निधन, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

लोकतंत्र रक्षक सेनानी राम जी वर्मा का निधन, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

रामआशीष उर्फ पप्पू यादव  की रिपोर्ट 

हेतिमपुर श्मशान घाट पर हुआ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कृत


हाटा (कुशीनगर)। नगर पालिका परिषद हाटा के वार्ड संख्या 24 निवासी और आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जा चुके वरिष्ठ सेनानी राम जी वर्मा का बुधवार देर रात 2:30 बजे निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
आपातकाल (1975) के दौरान राम जी वर्मा ने लोकतंत्र बहाली और संविधान की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके चलते उन्हें जेल भेजा गया था। वह न सिर्फ एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में विख्यात थे, बल्कि क्षेत्र में सदैव जनसेवा के लिए समर्पित रहे।
निधन के समय उनके इकलौते पुत्र केशव वर्मा अपनी माता और पत्नी के साथ अहमदाबाद में थे। उनके लौटने के बाद शनिवार सुबह गंडक नदी के तट पर स्थित हेतिमपुर श्मशान घाट पर राम जी वर्मा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मोहन वर्मा, नगर पालिका परिषद हाटा के चेयरमैन रामानंद सिंह, तहसीलदार जया सिंह, थाना प्रभारी हाटा समेत बड़ी संख्या में लोकतंत्र रक्षक सेनानी, भाजपा नेता रामबचन सिंह तथा आसपास के क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
उनकी अंतिम यात्रा में भारी जनसमूह ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राम जी वर्मा के निधन को क्षेत्र की एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। लोग उन्हें उनके योगदान, सादगी और जनसेवा के लिए हमेशा याद करेंगे।

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