अगर यह एम्बुलेंस भी सही होता तो आता कुछ मरीजों के काम

 अगर यह एमबुलेंस सही होता तो आता कुछ मरीजों  के काम-

निकेश तिवारी की खास रिपोर्ट-

जी हाँ आपको बताना जरूरी होगा कि अभी कुछ दिन पहले गोरखपुर से एक खबर चर्चा मे थी जिसमें एक लड़का 102, 108 नंबर पे फोन करता है और एम्बुलेंस की मांग करता है लेकिन उसको यह बोल के मना कर दिया जाता है कि एम्बुलेंस खाली नहीं है

उसके बाद लड़का अपनी माँ को ठेले पे हॉस्पिटल ले जाता और देरी होने से उसकी माँ की मौत हो जाती है। अब ये तस्वीर गोरखपुर जिले के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बड़हलगंज की है जहाँ जर्जर हाल में पानी में खाड़ी है यह एक एम्बुलेंस जिसका गाड़ी नंबर UP41G0709 है अगर यह सही रहता तो कीसी मरीज के काम जरूर आजाता।

आखिर कार क्या कहते है इस संबंध मे जिम्मेदार

जिले के स्वास्थ विभाग का का कहना है कि एम्बुलेंस की कमी है और जो एम्बुलेंस है वो कोरोना संक्रमण व्यक्तियों को हॉस्पिटल छोड़ने में व्यस्त है।

आखिरकार कब बहुरेंगे ऐसे खराब खड़े एम्बुलेंस के दिन जो जनमानस को देते रहेंगे सुविधा-

जिले के स्वास्थ विभाग को यह ज्ञात होना चाहिए कि जिले के अंदर कितनी एम्बुलेंस जर्जर हालत में है उसको ठीक करा के मरीजों को हॉस्पिटल तक ले जाने के मदद योग्य बनाना चाहिए जिससे किसी को असुविधा ना हो हॉस्पिटल पहुचने में और समय रहते मरीज़ हॉस्पिटल तक पहुच जाए।

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