आए दिन राहगीरों को चोटेकर जख्मी बना रही है क्षेत्र की बदहाल कुछ टूटी सड़कें जिम्मेदार बने सूरदास सरकारी दावे दिखते फेल
*अंकित श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट
जी हा आपको बताते चले कि सलेमपुर तहसील क्षेत्र में सड़कों की हालत जर्जर है, अधिकांस सड़कें गढ़्ढा मुक्त की जगह गढ़्ढा युक्त है जिससे राहगीरों की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है और आए दिन कोई ना कोई राहगीर चोटिल होता ही है हो भी क्यो ना ?।
चोटिल होना भी तो लाजमी ही है क्योंकि क्षेत्र की अधिकांश सड़के महज कागजों मे ही गढ़्ढा मुक्त है पर हकीकत तो यह कि क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें जगह जगह गढ्ढे मे तब्दील है और जिम्मेदार सूरदास बन हाथ पर हाथ धरे बैठे पड़े है जिससे राहगीर अक्सर गिर कर चोटिल हो अपने आपको कोसते है पर कुछ कर सकते नहीं।कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिला जहाँ एक राहगीर चोटिल हुआ और जब उसे सड़क से उठाने का प्रयास किया गया तो उसने दर्द भरी दास्तान बताते हुए बोलाबाबू हमरे जइसन लोग रोज एहितरे चोटिल होला क्षेत्र के नेता चाहे अधिकारी जे जिम्मेदार बा चार पहिया मे आवेला चलि जाला ओ लोग के कुछ मतलब नाही बा चोटिल जख्मी त हम गरीब लोग ही होता क्षेत्र के अधकतर सड़क टूटल फूटल जर्जर बा पर केहू के ध्यान ना बा ।
यह सड़क है बदहाल जिम्मेदार है मौन
क्षेत्र की कोई भी सड़क ऐसी नही है, जिस पर गड्ढ़ों की भरमार न हों। ऐसे में लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सब कुछ जानते हुए भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी बेपरवाह बने हुए है। क्षेत्र की भागलपुर मार्ग , मुसैला भागलपुर मार्ग, ऊसरहा मोड़ से सोहनाग धनौती मार्ग, करौता – पिपररामधर मार्ग, लार रोड से बरडीहा परशुराम धाम मार्ग बढ़या हरदों से रेवली महादहा से दूमवालिया, सलेमपुर, प्यासी,सजाव से अंजना , पिपरा से गोंड़वाली , धनगड़ा से सहजौर, इटहूरा हजाम से सरवन पिपरा, रेवली नेमा लक्ष्मण चौराहा से धरमेर स्थानों को जाने वाली सड़कों की स्थिति बदहाल है। वर्तमान में आगामी विधानसभा चुनाव होने वाला है। और अधिकारियों की गाड़ियों लेकर रोज इन टूटी सड़कों पर विधायक और सांसद महोदय जी और तमाम नेता की गाड़ियां दौड़ती है। लेकिन इनको इन सड़कों की चिंता नही है। इसी तरह भागलपुर की सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ लेकिन दूसरे दिन ही ठप हो गया।