ईजिनियर मोहम्मद मिन्नतुल्लाह गोरखपुरी ने नामांकन निरस्त होने पर चुनाव आयोग से की शीकायत
आशुतोष कुमार पाण्डेय
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर गोरखपुर की सभी सीटों पर तमाम राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों अपना नामांकन कर दिया है। जिसमें कई प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त भी हुए हैं जिसे लेकर कई विधायक प्रत्याशियों ने अब आवाज उठाना भी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को जन अभियान पार्टी से गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र 323 से प्रत्याशी मो.मिन्नतुल्लाह मिन्नत गोरखपुरी ने बताया कि उन्होंने 10 जनवरी को कलेक्ट्रेट में अपना नामांकन दाखिल किया था सोमवार को देर रात उन्हें यह पता चला कि उनका नामांकन निरस्त हो गया है। इस पर मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि उनका नामांकन राजनीतिक दलों के दबाव के चलते निरस्त किया गया है। साथ ही साथ मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि मैं समाजसेवी हूं और निरंतर समाज में बना रहूंगा और समाजसेवा करता रहूंगा।समाज के सभी वर्गों के लोग जिस तरह से मुझे स्नेह और प्यार दिए मैं उसके लिए आभारी हूं। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर यह सवाल उठाया जाता था कि मुझे भारतीय जनता पार्टी ने खड़ा किया है और मैं उनका सहयोगी प्रत्याशी हूं तो मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं कि अगर यह बात सही थी तो मेरा नामांकन रद्द क्यों हुआ ? क्योंकि मेरी वजह से तो उनका फायदा था।
एक पार्टी विशेष के व्हाट्सएप ग्रुप में एक-दो दिन पहले ही एक खबर चलाई गई कि इन का नामांकन रद्द हो जाएगा क्योंकि इन्होंने गलत पर्चा भरा है मुझे पता नहीं कि उनको मेरा पर्चा चुनाव आयोग ने दिया है या किसी और ने वह किन सूत्रों से यह जान सके इसकी भी जांच होनी चाहिए। मिन्नत गोरखपुरी ने बताया कि उन्होंने अपना नामांकन निरस्त होने की शिकायत गोरखपुर के जिला अधिकारी और दिल्ली के चुनाव आयोग से एक पत्र के माध्यम से की है।