बदलते दौर में पैशन को प्रोफेशन बनाना आवश्यक:प्रो.दिव्यारानी सिंह*
*कौशल को कुशलता में परिवर्तित करना ही उद्यमिता का लक्ष्य*
*नवाचारों के विस्तार में सोशल नेटवर्किंग की भूमिका अहम*
*”मिलेट्स” थीम पर आधारित खाद्य प्रदर्शनी हुई आयोजित*
*शहीद बंधु डिग्री कालेज के गृहविज्ञान विभाग में व्याख्यान सम्पन्न*
आशुतोष कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
स्वयं को जानना आवश्यक है।बिना स्वयं को समझे कौशल,नवाचार अथवा उद्यमिता को व्यवहारिक धरातल देना कठिन है।व्यक्ति को आगे बढ़ने में उसका कौशल ही सहयोग करता है।कौशल के साथ कुशलता ही एक समर्थ उद्यमी बनाने में सहायक है।व्यवसाय और उद्यम में अंतर होता है।उद्यम व्यक्ति द्वारा कौशल की कुशलता तथा रिस्क उठाने की काबिलियत पर आधारित होता है।
उक्त विचार दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर में गृहविज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष और आचार्य प्रोफेसर दिव्यारानी सिंह ने व्यक्त किया।
वो शहीद बंधू सिंह पी.जी.कॉलेज में गृहविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित मोटे अनाज थीम पर आधारित खाद्य प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात विभागीय व्याख्यान में विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि अपने पैशन को प्रोफेशन बनाना आवश्यक है।उद्यमिता में लड़कियों की समान भागेदारी हेतु उन्होंने विचारों में नवाचारों का समावेश तथा स्थानीय आवश्यकताओं की समझ को विशेष रूप से प्रभावी बताया।नई सूचना तकनीकी के प्रयोग से अपने नवाचारों और उद्यम को बाजार तक पहुंच बनाने के विभिन्न आयाम पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि फोन के रूप में आप के हाथ मे आधुनिकतम तकनीकी उपलब्ध है जिसका सदुपयोग करके अपने कौशल ,नवाचार तथा उद्यम को बढ़ाया जा सकता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि कौशल को कुशलता मे तथा जुनून को व्यवसाय में परिवर्तित करना होगा।नए विचारों के स्वागत के लिए विस्तृत बाजार बाहें पसारे आप की प्रतीक्षा में है।
इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू.पी.सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत स्मृतिचिन्ह,अंगवस्त्र,व पुष्पगुच्छ भेंटकर किया।तत्पश्चात मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय के गृहविज्ञान विभाग की छात्राओं द्वारा मोटे अनाज पर आधारित खाद्य प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकों की उपस्थिति रही।
व्याख्यान के उपरांत प्राचार्य डॉ. यू.पी.सिंह ने अतिथि का आभार ज्ञापन किया।कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किया।