महात्मा गांधी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार का नाम है—- मिन्नत गोरखपुरी*

आशुतोषकुमार पान्डेय की रिपोर्ट 
विश्व अहिंसा दिवस के पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा “निरंकारी” के निर्देश पर राष्ट्रीय मानवाधिकार संघ भारत गोरखपुर द्वारा एक काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन गोलघर स्थित प्रदेश कार्यालय में किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सरदार जसपाल सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने सदैव सत्य अहिंसा और त्याग का संदेश दिया है । कार्यक्रम के आयोजक मिन्नत गोरखपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार का नाम है जो लाखों लोगों के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम का मुख्य अतिथि के रूप में चंदू सनी उपस्थित रहे | विशिष्ट अतिथि अमीर निशा ‘स्वीटी’ ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की शिक्षाएं सदैव हम सबके बीच जिंदा रहेंगे जो हम लोगों को राष्ट्र प्रेम का संदेश देती है। व्यापारी नेता सुधीर कुमार झा ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हम सबके लिए आदर्श है। कार्यक्रम के आयोजक मिन्नत गोरखपुरी ने बताया कि इस अवसर पर स्निग्धा,शिवम्भुज,अजीत कुमार यादव, कुलदीप पांडेय,शैलेश गुप्ता, जावेद अंसारी,मोहम्मद कैफ अंसारी, आयुष श्रीवास्तव,अरमान अंसारी, आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मिन्नत गोरखपुरी ने पढ़ा,
गांधी है जिसका नाम वह रोशन चिराग है ।
अहिंसा सत्य त्याग का जीता जागता प्रमाण है।।
लोगों ने खूब तालियां बजाई।
सम्बुल हाशमी ने पढ़ा,
नफरतों की हवा खुद ही थम जाएगी
प्यार की शाम्मा दिल में जला लीजिए
डा.सरिता सिंह ने पढ़ा,
किसने फेंका पत्थर किस पर हिंसा किसने भड़काई।
किसने मजहब की आग,लगा नफरत है इतनी फैलाई ।।
सौम्या यादव ने पढ़ा,
धर्म तेरा जो धर्म मेरा है
धर्म ही सबका एक पिता है
श्वेता सिंह ने पढ़ा,
अंग्रेजो के शासन पर स्वाधीनता आ रही है।
क्योंकि गांधी और शास्त्री की आंधी आ रही है।।
फरहत गोरखपुरी ने पढ़ा,
धरती पर रहने वाले जरा आसमान देख ।
गर देखना है तुझको तो ऊंची उड़ान देख।।
इस अवसर पर हेमंत शर्मा,अंजली शर्मा, मनीष साहनी,पंकज कुमार राव,शशांक कुमार,हर्ष कुमार,सौरभ दीक्षित,नजरे आलम आदि उपस्थित रहे।

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