बोलचाल में प्रयोग करें संस्कृत के शब्द आचार्य प्रमोद
(आशुतोषकुमार पाण्डेय की खास रिपोर्ट )
संस्कृत भारती पूर्वोत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री आचार्य प्रमोद पंडित ने कहा कि संस्कृत बहुत सरल एवं प्रभावशाली भाषा है दैनिक जीवन में इसके शब्दों का प्रयोग करें तो सरलता से बोलचाल में प्रयुक्त कर सकते हैं।
वे उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश एवं संस्कृत भारती तथा श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय, उमावि के तत्वावधान में आयोजित संस्कृत सप्ताह के पांचवें दिन गुरुवार को बतौर मुख्य अतिथि अपना उद्बोधन दे रहे थे।
विशिष्ट अतिथि संस्कृत भारती गोरक्ष प्रांत के संगठन मंत्री डॉक्टर श्रीप्रकाश झा ने संस्कृत की वैज्ञानिकता एवं जीवन में लाभों को बताया और सरल रूप में संस्कृत बोलने के लिए छात्रों को अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी भाषा का प्रयोग कर हम अपने महत्वपूर्ण ग्रंथों में मौजूद वैज्ञानिक ज्ञान से वंचित हो रहे हैं जो हमारे लिए ख़तरनाक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कृत जितना सहज और सरल होता है उतना ही उसका प्रयोग भी सरल होता है।हम यदि नियमित अभ्यास करें तो सरलता से बोलचाल में ला सकते हैं। संस्कृत के उच्चारण से अनेक शारीरिक कठिनाइयां भी दूर हो जाती हैं। हमारे जीवन में भी इसका अध्ययन कर हमे अनेको लाभ मिल सकते हैं।इस दौरान डॉक्टर संजय पाण्डेय डॉक्टर राजेश कुमार चतुर्वेदी ने भी अपना वक्तव्य दिया।अध्यतता डॉक्टर राम ऋषि द्विवेदी ने किया।इस अवसर पर डॉक्टर संदीप कुमार पाण्डेय, संजय दूबे, मिथिलेश चौरसिया, ब्रह्मानंद द्विवेदी दिनेश भारद्वाज, श्याम नारायण पाण्डेय, डॉक्टर सतीश शुक्ला, डॉक्टर रामानुज द्विवेदी डॉक्टर मोहन पाण्डेय भ्रमर सहित छात्र उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर अमन तिवारी ने किया।