राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुई श्रवण कुमार वेलफेयर सोसाइटी, रक्तदान सेवा को मिली नई पहचान

आशुतोष कुमार पाण्डेय –

 सामाजिक सेवा और रक्तदान जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली श्रवण कुमार वेलफेयर सोसाइटी को 28 जून को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था के संस्थापक एवं समाजसेवी विश्वजीत जायसवाल के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों से किए जा रहे मानव सेवा के कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
लखनऊ स्थित बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में निफा उत्तर प्रदेश समिति द्वारा आयोजित “संवेदना-2 सम्मान समारोह” में संस्था को रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने, सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए नेशनल इम्पैक्ट सोशल अवॉर्ड तथा इंग्लैंड की संस्था वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि डॉक्टर. बबिता सिंह चौहान, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, विशिष्ट अतिथि वैश्य नटवर गोयल, राज्य मंत्री (लघु उद्योग निगम, उत्तर प्रदेश शासन) तथा प्रो. राजकुमार मित्तल, कुलपति, बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने विश्वजीत  जायसवाल को सम्मानित किया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद विश्वजीत  जायसवाल ने कहा कि श्रवण कुमार वेलफेयर सोसाइटी पिछले 12 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक गतिविधियों और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्था चौपालों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है। इस सम्मान का श्रेय उन्होंने संस्था के सभी सहयोगियों और जनपदवासियों को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) बेचन राम, विधायक श्रवण कुमार निषाद, चेयरमैन सन्नी जायसवाल, पूर्व चेयरमैन ज्योति प्रकाश गुप्ता, विजय कुमार, अजय प्रताप सिंह (सचिव, रेड क्रॉस गोरखपुर), राजकुमार गुप्ता, डॉक्टर. सत्यप्रकाश दुबे, मदन मद्धेशिया, लक्ष्मण गुप्ता, राजेश मद्धेशिया, राजन मद्धेशिया सहित अनेक गणमान्य लोगों ने संस्था को शुभकामनाएं देते हुए इसे गोरखपुर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

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