सुकरौली में विकास पर विवाद की ‘नई पटकथा’! सड़क निर्माण रोकने के आरोप में महिला पर FIR,
वायरल ऑडियो-वीडियो ने बढ़ाई हलचल; अध्यक्ष राजनेती कश्यप बोले———————-?
विकास रोकने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
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न्यूज टीम हाटा/सुकरौली
जनपद के सुकरौली नगर पंचायत में विकास कार्यों को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। वार्ड संख्या-11 आजाद नगर में निर्माणाधीन सड़क को लेकर हुए विवाद के बाद हाटा कोतवाली पुलिस ने एक महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नगर पंचायत की ओर से आरोप लगाया गया है कि सड़क
निर्माण कार्य में बाधा डालने के साथ ठेकेदार एवं कर्मचारियों के साथ अभद्रता और धमकी दी गई। मामले में सामने आए कथित वायरल ऑडियो और सीसीटीवी फुटेज ने विवाद को और तूल दे दिया है।
हाटा कोतवाली में दर्ज FIR संख्या 0448/2026 के अनुसार, 27 अगस्त की सुबह करीब सात बजे सुकरौली स्थित अध्यक्ष कार्यालय से संबंधित घटना में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(3) एवं 351(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के समक्ष दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण को रोकने के लिए संबंधित महिला द्वारा मौके पर पहुंचकर दबाव बनाया गया तथा कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई।
लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ था सड़क निर्माण
बताया गया कि वार्ड संख्या-11 आजाद नगर में सड़क निर्माण का कार्य लंबे समय से लंबित था। नगर पंचायत की ओर से इसे जनहित से जुड़ा कार्य बताते हुए निर्माण शुरू कराया गया। इसी दौरान निर्माण स्थल पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर पंचायत का आरोप है कि निर्माण कार्य को रोकने के लिए दबाव बनाए जाने से मौके पर मौजूद कर्मचारियों और ठेकेदार के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम को नगर पंचायत अध्यक्ष राजनेती कश्यप ने अपने खिलाफ चलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार से जोड़ते हुए कहा कि विकास कार्यों को गति मिलने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत में जनहित के कार्य लगातार कराए जा रहे हैं और विकास की राह में किसी भी प्रकार का अनावश्यक अवरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कथित ऑडियो ने बदली विवाद की दिशा
विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक कथित ऑडियो भी चर्चा में है। इसमें एक महिला की आवाज में सभासद के साथ कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी दिए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, वायरल ऑडियो और वीडियो की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में इनकी वास्तविकता और घटनाक्रम से संबंध पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वायरल सामग्री सामने आने के बाद नगर पंचायत से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अध्यक्ष समर्थकों का कहना है कि यदि किसी विकास कार्य को लेकर आपत्ति है तो उसके लिए संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, न कि कर्मचारियों को कथित रूप से धमकाकर निर्माण कार्य प्रभावित किया जाए।
आरोपों के बीच निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें
पूरे प्रकरण में अब पुलिस जांच अहम हो गई है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस संबंधित पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और वायरल ऑडियो-वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
एक तरफ विकास कार्य में बाधा डालने के आरोप में महिला के खिलाफ दर्ज FIR है, तो दूसरी ओर अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों को नगर पंचायत की ओर से साजिश बताया जा रहा है। ऐसे में अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर सुकरौली के इस विवाद के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या है।