हाटा कुशीनगर। पूर्वांचल के महान भोजपुरी साधक रविन्द्र श्रीवास्तव जिन्हें जुगानी भाई के नाम से ख्याति मिली थी के आकस्मिक निधन पर साहित्यकारों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
भोजपुरी कवि/गीतकार चंदेश्वर परवाना की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि बैठक में साहित्यकारों ने जुगानी भाई के निधन को भोजपुरी की अपूरणीय क्षति बताया।इस दौरान श्री परवाना ने कहा कि वे अपने भोजपुरी माटी के लिए जीवन भर साधना करते रहे और आकाशवाणी के माध्यम से लोक की समस्याओं को जन जन तक पहुंचाने का जो सतत प्रयास किया वह इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया हो गया। लोक जीवन को कैसे मनोजक बनाया जाए,लोक साहित्य की मजबूती कैसे हो निरंतर साधना किया। भोजपुरी के प्रतीक बन चुके जुगानी भाई सदियों तक याद किए जाएंगे। उनकी भोजपुरी रचनाएं भोजपुरी साहित्य साधकों को मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी।इस दौरान त्रिलोकी तिवारी चंचरीक,ए हमीद आरज़ू, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव कष्णा, शैलेन्द्र असीम, विनोद पाण्डेय,सच्चिदानन्द पाण्डेय,रामजी कुशवाहा, मोहन पाण्डेय ‘ भ्रमर ‘
उग्ग्गम चौधरी,सूरज राम आदित्य, अक्षय गिरी,गोमल यादव, लोक गायक धीरज राव आदि उपस्थित रहे।