-बेटी सम्मेलन में बेटियों के सम्मान और दहेज मुक्त समाज का दिया संदेश

बेटी सम्मेलन में बेटियों के सम्मान और दहेज मुक्त समाज का दिया संदेश 

बहू-बेटी सम्मेलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरदार नगर ब्लॉक सभागार में ग्राम पंचायत स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और अधिकारों के साथ ही दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। इसमें आशा कार्यकताओं, आंगनबाड़ी कार्यकताओं, शिक्षकों एवं समूह सखियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यशाला में मास्टर प्रशिक्षक के रूप में कंचन सिंह ( पैरा लीगल वालेंटियर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ), उप नि0 कीर्ति (थाना चौरी चौरा),श्री चंद्रशेखर भारती (स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी), श्री अजय कुमार चौहान (ब्लॉक मिशन प्रबंधक), रोशनी ( पैरा लीगल वालेंटियर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ), उर्मिला एक्स(एस बी एम)ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर देना जरूरी है।

उपनिरीक्षक कीर्ति मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी थाना चौरी चौरा ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में महिलाएं और बालिकाएं चुप न रहें, बल्कि संबंधित जिम्मेदार लोगों एवं विभाग को इसकी जानकारी दें। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई।श्री चंद्रशेखर भारती (स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी) ने स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण से जुड़े विषयों पर जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर परिवार एवं समाज में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। वहीं मुख्य सेविका ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं तक योजनाओं और जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

सहायक अध्यापक अर्चना यादव ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने शिक्षकों एवं अन्य कार्यकताओं से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में दहेज प्रथा के विरोध और दहेज मुक्त समाज की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने कहा कि दहेज के बजाय बेटियों को अच्छी शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता देना ही समाज की वास्तविक प्रगति है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकताओं, शिक्षकों एवं समूह सखियों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान बेटियों के सम्मान, महिला सुरक्षा, बालिका शिक्षा, दहेज प्रथा के उन्मूलन और सामाजिक जागरूकता को लेकर सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया।इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हुई गायत्री देवी, नीलम, विमला देवी, सरिता विश्वकर्मा, शारदा देवी, हसीना ,नीलम, सुनीता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्तियां मौजूद रहीं। साथ ही मिशन शक्ति टीम से उपनिरीक्षक रजनीश मिश्रा,महिला आरक्षी पूजा मौर्या, प्रिया रावत, शेष कुमारी आदि लोग मौजूद रहें।

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