लेखपालों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस का किया बहिष्कार, तहसील मुख्यालय पर दिया धरना

लंबित मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन, शीघ्र समाधान की उठाई मांग
हाटा, कुशीनगर
करीब एक दशक से लंबित विभिन्न मांगों पर शासन एवं राजस्व परिषद की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से नाराज उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदस्यों ने शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आयोजित इस धरने में लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाते हुए शासन के प्रति नाराजगी जाहिर की।धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपालों की विभिन्न मांगें पिछले करीब दस वर्षों से लंबित हैं। इस संबंध में कई बार शासन एवं राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। लंबे समय से मांगों की अनदेखी किए जाने के कारण लेखपालों में असंतोष व्याप्त है। संघ ने शासन से लंबित मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की।
लेखपालों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों का समयबद्ध निस्तारण किया जाना आवश्यक है, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके। इसी क्रम में लेखपालों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस की कार्यवाही का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना दिया और एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
धरना समाप्त होने के बाद लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार जया सिंह को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण कराए जाने तथा लेखपालों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
इस दौरान लेखपाल संघ के अध्यक्ष विश्व प्रकाश राजन, राजू भारती, हृदयानंद वर्मा, किशोरी लाल, सचिंद्र गुप्ता, अमरनाथ श्रीवास्तव, प्रदीप गुप्ता सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे