भारतीय जनशक्ति किसान मजदूर महासभा के संगठन विस्तार एवं ग्राम स्तर पर जन-जागरूकता को लेकर रविवार को विकासखंड ब्रह्मपुर के ग्राम सभा मीठाबेल स्थित विशेश्वर नाथ मंदिर परिसर में बैठक एवं ग्राम जन-जागरूकता यात्रा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, मनरेगा, महिला स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तथा महिलाओं को समान अधिकार और अवसर उपलब्ध कराने जैसे जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।
कार्यक्रम महासभा के प्रदेश सचिव अमरजीत दूबे की देखरेख में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि एवं महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद सिंह सैथवार ने कहा कि किसी भी गांव का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब वहां के किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा अपने अधिकारों तथा उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक हों। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने का आह्वान किया। (मनरेगा में अधिकारों की जानकारी जरूरी)
प्रदेश अध्यक्ष विनोद सिंह सैथवार ने कहा कि मनरेगा
ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ग्रामीण श्रमिकों को काम की मांग करने, कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं, मजदूरी भुगतान तथा अपनी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से रोजगार के साथ गांव में जल संरक्षण, तालाब, रास्ते और अन्य उपयोगी ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
महिला समूह बनें आर्थिक आत्मनिर्भरता की ताकत*बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों को लेकर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर बचत, प्रशिक्षण और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, पशुपालन, हस्तशिल्प, छोटे घरेलू उद्योग तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन जैसे कार्यों से महिलाओं के लिए आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।वक्ताओं ने कहा कि महिला समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रशिक्षण, बाजार और रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इससे महिलाएं परिवार की आर्थिक मजबूती में भागीदार बनने के साथ अपने निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित कर सकेंगी। समान अधिकार और सम्मान से ही मजबूत होगा समाज-
कार्यक्रम में महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार एवं सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के समान सम्मान, अवसर और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी मिलनी चाहिए। महिला सशक्तीकरण को केवल नारे तक सीमित न रखकर उसे शिक्षा, आर्थिक आत्म निर्भरता और सुरक्षित सामाजिक वातावरण से जोड़ने की आवश्यकता है।
युवाओं के लिए गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर-
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्थानीय रोजगार से जोड़ना समय की जरूरत है। खेती के साथ पशुपालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन, कुटीर उद्योग, छोटे व्यवसाय और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देकर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इससे युवाओं को रोजगार के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे शहरों की ओर पलायन करने से भी राहत मिल सकती है। प्रदेश सचिव अमरजीत दूबे ने कहा कि महासभा
संगठन को ग्राम स्तर तक मजबूत करने के साथ किसान, मजदूर, महिला और युवा हित से जुड़े मुद्दों पर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनने और उन्हें उपलब्ध योजनाओं एवं अवसरों की जानकारी देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रदेश मीडिया प्रभारी आशुतोष कुमार पाण्डेय,ने कहा कि यह महासभा सभी वर्गो के हित के लिए काम करेगा इसकी सोच हर लोगों की आवाज बनना है इसमें सभी के सहयोग की जरूरत है—-
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गोरखपुर रामनगीना चौधरी, जिला प्रभारी महराजगंज गुड्डू उर्फ शमशाद आलम, जिला अध्यक्ष कुशीनगर डॉक्टर. सतीश तिवारी, मंडल सचिव गोरखपुर महेन्द्र प्रधान सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ लालबहादुर शास्त्री, डॉक्टर. भीमराव आंबेडकर एवं भगवान बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
बैठक में मनुरोजन, रामअशीष, राजकुमार, शिवशंकर, अतुल दूबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं महिलाएं मौजूद रहीं। सुनीता, चंद्रावती देवी, धूनी, गुड्डू, इमिरती, अमरावती, गीता, राधिका, लक्ष्मीना, शुभावती, अतवारी, फूला देवी, रीमा, लाती, पूनम, पार्वती, सुरसती, सोमारी देवी, मंजू सहित तमाम महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की तो वही ईशरावती देवी को मीठाबेल का ब्लाक
अध्यक्ष तो रेशमा देवी को ग्राम सभा मीठाबेल की महिला संगठन का अध्यक्ष चुना गया।
जनहित के मुद्दों को गांव तक पहुंचाने का संकल्प*
बैठक के दौरान ग्रामीणों को शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान, रोजगार, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का प्रयास किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े सकारात्मक मुद्दों को सामने लाकर ग्रामीणों को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।