हल्द्वानी में मनुस्मृति दहन का विरोध, चौरीचौरा में कांग्रेस का झंडा जलाने का ऐलान; पुलिस ने हिंदू नेता को किया हाउस अरेस्ट, टला टकराव
मनुस्मृति दहन के विरोध में गरमाई सियासत, चौरीचौरा में पुलिस की सतर्कता से टला संभावित बवाल
चौरीचौरा, गोरखपुर।हल्द्वानी में कांग्रेस नेताओं द्वारा मनुस्मृति जलाए जाने की घटना को लेकर चौरीचौरा की सियासत भी गरमा गई। घटना के विरोध में हिंदू नेता विशाल त्रिपाठी ने कांग्रेस पार्टी के झंडे को जलाने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई।विशाल त्रिपाठी के ऐलान के बाद स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने शासन-प्रशासन को इसकी जानकारी देते हुए विरोध दर्ज कराया और किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका जताई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौरीचौरा पुलिस पहले से ही सतर्क हो गई।पुलिस ने एहतियात के तौर पर कांग्रेस का झंडा जलाने के ऐलान से पहले ही विशाल त्रिपाठी को हाउस अरेस्ट कर लिया, जिससे प्रस्तावित प्रदर्शन और झंडा जलाने की कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस की सतर्कता के चलते क्षेत्र में संभावित टकराव और बवाल टल गया।
AICC सदस्य स्नेहलता गौतम ने दी कड़ी चेतावनी
इस पूरे मामले में शासन-प्रशासन को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसके बावजूद कहीं कांग्रेस पार्टी का झंडा जलाने की कोशिश की गई तो स्थिति गंभीर और भयावह हो सकती है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के प्रतीक और झंडे का अपमान माहौल को बिगाड़ सकता है। अजवर अहमद और रामनवल सिंह ने भी जताया विरोध-
वहीं कांग्रेस नेता अजवर अहमद और रामनवल सिंह ने भी कांग्रेस के झंडे को जलाने के ऐलान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। नेताओं ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से माहौल खराब हो सकता है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।
पुलिस ने कहा—स्थिति पूरी तरह शांत —मामले को लेकर चौरीचौरा क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क था
एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए और फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पुलिस किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है ।
अब सवाल—कांग्रेस का झंडा जलाने का ऐलान करने वाले विशाल त्रिपाठी क्या कहते हैं?
एक तरफ कांग्रेस नेता इस ऐलान को लेकर कड़ा विरोध जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ मनुस्मृति दहन के विरोध में कांग्रेस का झंडा जलाने का ऐलान करने वाले विशाल त्रिपाठी अपने रुख पर कायम हैं।
आखिर हल्द्वानी की घटना के विरोध में उन्होंने कांग्रेस का झंडा जलाने का ऐलान क्यों किया? पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद उनका क्या कहना है? और पूरे विवाद पर उनका पक्ष क्या है