गोरखपुर चौरीचौरा से आशुतोष कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट –
चौरीचौरा थाना क्षेत्र के चौरीखास निवासी स्वर्गीय शेशनाथ निषाद की पुत्री नीलम की चौरीचौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
पर उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच कराए जाने की बात कही है।जानकारी के अनुसार आपको बताना जरूरी है कि नीलम की शादी देवरिया जनपद के रुद्रपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलवा दुबौली गांव में हुई थी। कुछ समय से वह अपने मायके चौरीखास में रह रही थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा में उसे भर्ती कराया गया था, जहां तड़के उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।मृतका के परिजनों का आरोप है कि
अस्पताल में समय पर समुचित उपचार नहीं मिला। उनका कहना है कि भोर में जब सफाईकर्मी वार्ड में पहुंची तो उसने ऑक्सीजन हटाई, जिसके कुछ ही देर बाद नीलम के मुंह से झाग निकलने लगा और उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) गोरखपुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला का रक्तचाप (बीपी) अत्यधिक बढ़ा हुआ था। चिकित्सकों द्वारा उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन रेफर किए जाने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई। जैसे ही यह सूचना स्थानीय विधायक इंजीनियर सरवन निषाद को मिली तो चर्चा है कि वह लखनऊ के लिए निकल चुके थे जो बीच रास्ते से वापस लौट कर आए और घटना को त्वरित संज्ञान में लेते हुए यहां सीएमओ गोरखपुर को बुला त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया आगे स्थानीय विधायक व सीएमओ ने मामले में कहा कि एक बाहरी टीम मामले के जांच हेतु बनाया गया है जांचोपरांत समुचित कार्रवाई कराई जाएगी।
सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग जुट गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहा।
फिलहाल प्रसूता की मौत का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।