श्रीनिवास तिवारी की रिपोर्ट
हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विधानसभा में हाटा विधायक मोहन वर्मा द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। महानिदेशक परिवार कल्याण ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुशीनगर को पत्र भेजकर एफआरयू के लिए निर्धारित मानकों को शीघ्र पूरा कराने और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विधायक मोहन वर्मा ने विधानसभा में नियम-301 के अंतर्गत यह मामला उठाते हुए कहा था कि हाटा नगर के मध्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-28 गुजरता है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। लगातार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में घायल एवं गंभीर मरीजों को सबसे पहले हाटा सीएचसी लाया जाता है। हालांकि एफआरयू सुविधा उपलब्ध न होने के कारण गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है, जिससे उपचार में विलंब और परिजनों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सदन में मामला उठने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। महानिदेशक परिवार कल्याण की ओर से जारी पत्र में एफआरयू के लिए आवश्यक संसाधनों एवं मानकों को शीघ्र पूरा करने तथा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एफआरयू का दर्जा मिलने के बाद हाटा सीएचसी में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। प्रसूति सेवाओं, दुर्घटना में घायल मरीजों के उपचार, गंभीर रोगियों की प्राथमिक चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
विधायक मोहन वर्मा ने इसे क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और हाटा सीएचसी का एफआरयू के रूप में विकास उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी बताया कि सुकरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन निर्माण का रास्ता भी जल्द साफ होने वाला है। तकनीकी कारणों से लंबित प्रस्ताव में आ रही बाधाओं का समाधान कर उसे शासन को भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
क्षेत्रीय नागरिकों ने हाटा सीएचसी को एफआरयू बनाए जाने की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।