
जनपद सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भीषण गर्मी एवं हीट वेव (लू) की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 28 मई 2026 तक हीट वेव की स्थिति जारी रहने तथा तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना व्यक्त की गई है। रात्रिकालीन तापमान में भी अपेक्षित कमी न होने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अत्यधिक गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतें तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवायजरी का पालन करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।
भीषण गर्मी के कारण हीट एग्जॉशन, डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक तथा हृदय एवं श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ने की आशंका रहती है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे, धूप में कार्य करने वाले श्रमिक एवं गंभीर/दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने जनपद नागरिकों को सलाह दी है कि प्रातः 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें तथा अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस, नींबू पानी अथवा इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले एवं सूती वस्त्र पहनें तथा बाहर निकलते समय टोपी, छाता अथवा स्कार्फ का प्रयोग करें।
उन्होंने लोगों से शराब, अत्यधिक चाय-कॉफी एवं भारी भोजन से परहेज करने तथा हल्का एवं संतुलित भोजन एवं फलों का अधिक सेवन करने की अपील की है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि बच्चों एवं पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें तथा परिवार के बुजुर्ग सदस्यों का नियमित रूप से हालचाल लेते रहें।
जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ना, भ्रम की स्थिति, बेहोशी, तेज धड़कन, पसीना बंद होना अथवा दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे चिकित्सकीय आपात स्थिति मानते हुए तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल में उपचार कराएं।
किसी भी आपात स्थिति में नागरिक एम्बुलेंस सेवा 108, जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र कुशीनगर के टोल फ्री नंबर 1077 अथवा संपर्क नंबर 05564-240590 पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।जिलाधिकारी ने पुनः जनसामान्य से अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में स्वयं सुरक्षित रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करें।