निराश्रित साँड़ के हमले से वृद्ध की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
न्यूज़ टीम से सुबाष चंद की रिपोर्ट
एक मांस में दो की मौत दो गंभीर रुप से घायल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
बांसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम हटवार में गुरुवार को एक निराश्रित साँड़ के हमले से 70 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बांसगांव-खजनी मार्ग पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक माह में इसी साँड़ के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, इसके बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
जानकारी के अनुसार ग्राम हटवार निवासी अगर्दी यादव (70 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय रामदेव यादव गुरुवार को लगभग 11 बजे घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान निराश्रित साँड़ ने उन पर हमला कर दिया। साँड़ ने उन्हें उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी इसी साँड़ के हमले में उपजिलाधिकारी बांसगांव के सेवानिवृत्त चपरासी सोती मौर्य की मौत हो चुकी है। वहीं ग्राम सरसोंपार की बिजवंती देवी तथा ग्राम भैरोपुर निवासी निरंजन गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि साँड़ के आतंक की सूचना कई बार तहसील प्रशासन को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम पंचायत भैरोपुर के प्रतिनिधि अखिलेश पांडेय ने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा उपजिलाधिकारी बांसगांव को इसकी मौखिक जानकारी दी थी। इसके बाद सोमवार को उपजिलाधिकारी को लिखित आवेदन भी सौंपा गया था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण एक और व्यक्ति की जान चली गई।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने बांसगांव-खजनी मार्ग पर लगभग एक घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर सब इंस्पेक्टर विनोद पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
बाद में उपजिलाधिकारी प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा निराश्रित साँड़ को पकड़वाने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। प्रशासन ने बताया कि संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देकर साँड़ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई शुरू करा दी गई